गाजीपुर (ब्यूरो)। जनपद के विकास पथ पर आज एक नया अध्याय तब जुड़ गया जब मंगई नदी पर जनसहयोग से निर्मित पुल का भव्य उद्घाटन संपन्न हुआ। हजारों ...
गाजीपुर (ब्यूरो)। जनपद के विकास पथ पर आज एक नया अध्याय तब जुड़ गया जब मंगई नदी पर जनसहयोग से निर्मित पुल का भव्य उद्घाटन संपन्न हुआ। हजारों की भीड़ और गूंजते नारों के बीच यह कार्यक्रम किसी सरकारी आयोजन के बजाय एक 'जनउत्सव' में तब्दील हो गया। इस ऐतिहासिक पल के मुख्य अतिथि प्रयागराज हाईकोर्ट के माननीय न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव जी रहे, जबकि अध्यक्षता मोहम्मदाबाद के पूर्व ब्लॉक प्रमुख रामकृत यादव ने की। आयोजन की कमान समाजसेवी रमाकांत यादव और कालिका यादव (मांझी) ने संभाली।
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| Purvanchal Samachar |
न्यायमूर्ति का संबोधन: "यह पुल ईंट-पत्थर नहीं, जनशक्ति का प्रतीक है"
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि यह सेतु केवल दो किनारों को नहीं जोड़ रहा, बल्कि यह समाज के सामूहिक प्रयास और अटूट संकल्प की जीत है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब जनता एकजुट होती है, तो असंभव कार्य भी संभव हो जाते हैं। जस्टिस यादव ने इसे क्षेत्र के आर्थिक विकास और सामाजिक समरसता के लिए मील का पत्थर बताया।
यादव महा सभा के जिला अध्यक्ष सुजीत 'साइकिल' जी ने कहा कि यह पुल किसानों और मजदूरों के सपनों का द्वार है। कार्यक्रम में उमड़ी हजारों की भीड़ ने यह साबित कर दिया कि यह पुल क्षेत्र की बुनियादी जरूरत थी, जिसे जनता ने अपने परिश्रम और त्याग से साकार कर दिखाया है।
दिग्गज जनप्रतिनिधियों का जमावड़ा: विकास के नए द्वार खुले
समारोह में पूर्व सांसद जगदीश कुशवाहा, यादव महासभा के जिलाध्यक्ष सुजीत 'साइकिल' और सपा महिला सभा की प्रदेश सचिव पुनीता सिंह 'खुशबू' समेत जनपद के तमाम बड़े नेता मौजूद रहे।
संपादकीय टिप्पणी (जमीनी हकीकत):
मंगई नदी पर बना यह पुल राजनीति और नौकरशाही के लिए एक बड़ा संदेश है। जहां सरकारी फाइलें सालों तक धूल फांकती हैं, वहां जनता ने चंदा और श्रमदान से विकास का ढांचा खड़ा कर दिया। उद्घाटन समारोह में जिस तरह न्यायपालिका से लेकर राजनीति के धुरंधर एक मंच पर दिखे, वह इस 'पीपुल्स ब्रिज' की अहमियत को दर्शाता है। यह पुल अब केवल रास्ता नहीं, बल्कि प्रशासन की सुस्ती के खिलाफ जनता की एकजुटता का 'वॉटरमार्क' बन चुका है।

